Thursday, 23 July 2020

चंद्रशेखर आज़ाद #chandrashekharAzadInHindi #Story_of_Death_Of_Chandrashekhar_Azad

भारत की हवाओं से अंग्रेज़ी अहंकार का ज़हर मिटाने के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर देने वाले बाल गंगाधर तिलक जी और शहीद चंद्रशेखर आज़ाद जी के जन्मदिवस पर दोनों नर-सिंहों को प्रणाम। 🙏🇮🇳💐
'भारत की फ़ज़ाओं को सदा याद रहूँगा
आज़ाद था, आज़ाद हूँ, आज़ाद रहूँगा" 
#चन्द्रशेखर_आज़ाद
उपनाम :'आजाद',
जन्मस्थल :भाबरा गाँव (चन्द्रशेखर आज़ादनगर) (वर्तमान अलीराजपुर जिला)[1][2]
मृत्युस्थल:चन्द्रशेखर आजाद पार्कइलाहाबादउत्तर प्रदेश
आन्दोलन:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम
प्रमुख संगठन:हिदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन-के प्रमुख नेता (१९२८)

सन् १९२२ में गाँधीजी द्वारा असहयोग आन्दोलन को अचानक बन्द कर देने के कारण उनकी विचारधारा में बदलाव आया और वे क्रान्तिकारी गतिविधियों से जुड़ कर हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य बन गये। इस संस्था के माध्यम से उन्होंने राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में पहले ९ अगस्त १९२५ को काकोरी काण्ड किया और फरार हो गये। इसके पश्चात् सन् १९२७ में 'बिस्मिल' के साथ ४ प्रमुख साथियों के बलिदान के बाद उन्होंने उत्तर भारत की सभी क्रान्तिकारी पार्टियों को मिलाकर एक करते हुए हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का गठन किया तथा भगत सिंह के साथ लाहौर में लाला लाजपत राय की मौत का बदला सॉण्डर्स की हत्या करके लिया एवं दिल्ली पहुँच कर असेम्बली बम काण्ड को अंजाम दिया।


Story of Death Of Chandrashekhar Azad       

साँझ की बेला में दुआर बुहारती जगरानी के आसपास जब लोगों की भीड़ खड़ी होने लगी तो अशुभ की आशंका से उनका हृदय काँप उठा। उन्होंने सर उठा कर कुछ लोगों का मुह निहारा, सबके मुखड़े जैसे रो रहे थे। एकाएक सन्न हो उठे कलेजे को थाम कर उन्होंने पूछा- क्या चन्दू को पुलिस ने पकड़....?
कहीं से कोई उत्तर नहीं मिला। जगरानी जैसे काँप उठीं... उनके मुह से आह फूटी-" तो चन्दू की प्रतिज्ञा टूट गयी?"
पीछे से किसी उत्साहित युवक ने कहा- नहीं माँ! चन्दू भइया की प्रतिज्ञा तोड़ दे इतनी सामर्थ्य तो यमराज में भी नहीं।
जगरानी ने प्रश्नवाचक दृष्टि से उस युवक की ओर देखा जिसने आज उन्हें माँ कहा था। उनके हाथ से कूँची छूट गयी। उन्होंने काँपते हुए पूछा- तो क्या....
युवक ने रोते हुए कहा- चन्दू भइया अमर हो गए माँ! प्रयाग में जब पुलिस ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया तो वे देर तक अकेले ही लड़ते रहे। जब अंत में उनके पास एक ही गोली बची तो उन्होंने स्वयं को गोली मार ली, अंग्रेजों की गोली तो उन्हें छू भी नहीं पायी...
जगरानी ने अपना बेटा खो दिया था। वे जैसे जड़ हो गयी थीं। आँखों से धार बहने लगी थी। बढ़ती हुई भीड़ चुपचाप उनका मुह निहार रही थी। कुछ पल की चुप्पी के बाद उनके स्वर फूटे- तो अज्जू की टेक रह गयी!
युवक ने उत्साहित हो कर कहा- चन्दू भइया के मरने के आधे घण्टे बाद तक कोई सिपाही का उनके पास जाने का साहस न कर सका माँ!
जगरानी कराह उठीं।
युवक ने उन्हें ढाढ़स देने के लिए कहा- लोग कह रहे हैं कि प्रयाग के पार्क में इतनी भीड़ थी जिनती आज तक कभी नहीं हुई होगी।
पूरा देश 'चंद्रशेखर आजाद अमर रहें' के नारे लगा रहा है माँ!
जगरानी भूमि पर पसर गयी थीं। दूर स्तब्ध से खड़े लोग कुछ क्षण बाद उनके निकट आने लगे। महिलाओं ने रोती माँ को ढाढ़स देने का प्रयास किया। अचानक रोती जगरानी के मुह पर एक अजीब मुस्कान फैल उठी, उन्होंने अजीब से गर्व के साथ कहा- ऐसी टेक तो भीष्म ने भी न निभाई थी...
भीड़ जैसे उत्साह से उबल पड़ी थी। किसी ने कहा- हमारा चन्दू राजा था काकी! ऐसी मृत्यु कहाँ किसी को मिलती है... वह विश्व के सभी बलिदानियों का सिरमौर बन गया है...
जगरानी ने उसी अजीब से स्वर में कहा- मैं जीवन भर सोचती रही कि मुझ दरिद्र का नाम 'जगरानी' क्यों है, आज अज्जू सच में मुझे जगरानी बना कर चला गया।
कुछ पल बाद उन्होंने पूछा- किसी ने चन्दू का शव देखा?
उत्तर मिला- नहीं! अज्जू भइया की देह पुलिस उठा ले गयी। पर देखने वाले बता रहे थे उनके मुख पर वही सदैव सी मुस्कान फैली हुई थी। लगता था जैसे अभी मूछ उमेठ कर मुस्कुरा रहे हों...
बूढ़ी फफक पड़ी- "मुस्कुराएगा क्यों नहीं? जो चाहता था वह तो कर ही लिया..."
"पर माँ! पुलिस हमें चन्दू भइया का शव नहीं देगी, लोग जुलूस निकाल रहे हैं पर पुलिस नहीं मानेगी। ईश्वर ने हमें अंतिम बार देखने भी नहीं दिया..."
जगरानी में जाने कहाँ का बल, कहाँ का सन्तोष आ गया था। बोलीं- अरे जाने दे! वो हमारा था कहाँ? उसकी माँ तो यह धरती थी, उसने तो देखा न उसे अंतिम बार! उसी की गोद में ही न उसने अंतिम सांस ली! भले मेरा बेटा छिन गया, पर उसे तो उसकी माँ मिल गयी... जाने दे!"
भीड़ खड़ी थी पर सन्नाटा पसरा था। कुछ लोगों ने उत्साह में नारे लगाए। माँ निःशब्द पड़ी थी। किसी ने एक लंबी आह भर कर कहा- आजाद जैसे बीर ऐसी ही माँओं की कोख से जन्मते हैं। एक आजाद बनाने के लिए जाने कितनी बार ईश्वर सर पटकता होगा।


Monday, 20 July 2020

#कभी कभी भाई होना किसी हीरो से कम नहीं लगता. #छोटे_भाई_का_जन्मदिन , #Birthday_Of_brother #Do_Bhai #Being_Brother #Brother_Quotes #Lines_On_Bhai_In_hindi #Gift_for_Brother #Gift_Ideas_forBhai_in_Hindi

कभी कभी भाई होना किसी हीरो से कम नहीं लगता.

आज छोटे भाई का जन्मदिन है, अब छोटा लिख देने का मतलब ये कभी ना समझ लेना की वो छोटा है, जिम्मेदारी निभाने में वो सबसे बड़ा है और उसकी हर बात का मान सब बड़े रखते हैं.
आज इस बात को ब्लॉग में लिखने का मेरा मकसद आप सभी से ये बात भी शेयर करने का है की घर के छोटे घर की जिम्मेदारी में बड़े बन जाते हैं तो वो उन सब जिम्मेदारियों को अपने बड़ो से भी ज्यादा अच्छे से निभा कर दिखाते हैं. 
कभी भी अपने छोटे भाई को या बहन को नज़रअंदाज न करे क्यूंकि इन्हे हमारी और हमे इनकी बहुत जरुरत  होती है. यदि हम लोग अपने छोटे भाई बहनो को समय नहीं देते तो वो बेचारे अक्सर गलत लोगो की राय को सही मान लेते हैं. और बाद में इसका परिणाम बुरा निकलता है . मित्रो अपने से छोटे भाई बहनो से सभी मुद्दों पर खुलके बात करे ,हो सकता है शुरुवात में थोड़ी कठिनाई आये , लेकिन यकीं मानिये अगर उन्होंने आपके अंदर अपना बेस्ट फ्रेंड पा लिया तो दुनिया की कोई ताक़त उन्हें गलत रस्ते पर नहीं ले जा सकती .
 
यदि तुम ना होते तो मैं कभी बड़ा भाई ना कहलाता . इसलिए अपने छोटे भाई का मैं तो दिल से धन्यवाद करता हूँ. आप क्या सोचते हैं ये जरूर बताना .


जन्मदिन की शुभकामनाये भाई .

Lines for Brother 
#तेरे भाई के हाथों की लकीरें बहुत ख़ास हैं,
तभी तो तुम जैसा भाई  हमारे पास हैं .

#भाई पर मुसीबत आये तो भाई संभाल लेता हैं,
दम इतना होता है कि पीछे हटने का नाम नहीं लेता हैं |

#भाई पर रख विश्वास और ख़ुदा पर आस्था,
मुश्किल चाहें जैसी हो निकाल लेंगे कोई रास्ता

#दुनिया में सब चीज मिल जाती हैं,
पर भाई वाला प्यार नहीं मिलता हैं.

#मेरी ताकत, मेरा वो सहारा है,
भाई तू मुझे जान से भी प्यारा हैं|

#मेरे भाई से न तो कोंई उल्झता हे
न ही भाई से अधिक कोई समझता है.

Gift For Brother
भाई के लिए उपहार 
जन्मदिन हो या कोई भी उत्सव ,हमारे देश में उपहार देने लेने का भी एक अलग रिवाज बन गया है . लेकिन मेरा मानना है की उपहार ऐसा हो जो उनके उपयोग का हो और उन्हें वो याद भी रहे .
अब भाई चाहे बड़ा हो या छोटा कुछ गिफ्ट हमेशा यादगार रहते हैं .
1 . घडी 
जब जब आप एक साल बड़े हो जाते हैं तो जन्मदिन आता है, या यूँ कहे की एक दिन ये बताने के लिए आता है की एक साल और गुजर गया , मकसद के तरफ आगे बढ़ो. ऐसे में अपने भाई को उनकी पसंद की घडी गिफ्ट  करना अच्छा आईडिया हो सकता है. 

2 . कपडे 
प्रिंटेड टी शर्ट या अच्छी शर्ट सदाबहार उपहार हैं , भाई के फोटो या नाम या निक नाम के प्रिंट की टी शर्ट एक बहुत अच्छा गिफ्ट है 

3 फर्नीचर 
दोस्तों ये सुनने में अजीब जरूर है लेकिन यकीं मानिये ये गज़ब का काम करता है ,खास कर यदि आपका भाई अभी स्टडी करता है या कोई बिजनेस करता है , तो आप उन्हें उनके हिसाब से स्टडी चेयर या ऑफिस चेयर गिफ्ट कर सकते हैं .

4 .हेल्थ गैजेट 
आज सभी लोग हेल्थ के लिए जागरूक है , और इसलिए अपने भाई की सेहत का ध्यान रखना भी बेहद जरुरी है, ऐसे में आप उन्हें ऐसे गैजेट गिफ्ट दे सकते हैं जो उनकी कैलोरी बताता रहे .

5 .हेलमेट या सेक्युरिटी गैजेट 
महंगा हेलमेट आपके अपने लादले की हेलमेट ना पहनने की आदत बदल सकता है .

Sunday, 19 July 2020

#अकेलापन #Motivational_Story #Akelapan #BestPost,

एक बहुत ही प्रेरणा दायक कहानी - अकेलापन

मेरी पत्नी ने कुछ दिनों पहले घर की छत पर कुछ गमले रखवा दिए और एक
छोटा सा गार्डन बना लिया।

पिछले दिनों मैं छत पर गया तो ये देख कर हैरान रह गया कि कई गमलों में
फूल खिल गए हैं,
नींबू के पौधे में दो नींबू  🍋🍋भी लटके हुए हैं और दो चार हरी
मिर्च भी लटकी हुई नज़र आई।

मैंने देखा कि पिछले हफ्ते उसने बांस 🎋का जो पौधा गमले में लगाया था,
उस गमले को घसीट कर दूसरे गमले के पास कर रही थी।

मैंने कहा तुम इस भारी गमले को क्यों घसीट रही हो?
पत्नी ने मुझसे कहा कि यहां ये बांस का पौधा सूख रहा है, इसे खिसका कर इस पौधे के पास कर देते हैं।


मैं हंस पड़ा और कहा अरे पौधा सूख रहा है तो खाद डालो, पानी डालो। 💦

इसे खिसका कर किसी और पौधे
के पास कर देने से क्या होगा?" 😕

_पत्नी ने मुस्कुराते हुए कहा ये पौधा यहां अकेला है इसलिए मुर्झा रहा है।

इसे इस पौधे के पास कर देंगे तो ये फिर लहलहा उठेगा। ☺

पौधे अकेले में सूख जाते हैं, लेकिन उन्हें अगर किसी और पौधे का साथ मिल जाए तो जी उठते हैं।"


यह बहुत अजीब सी बात थी। एक-एक कर कई तस्वीरें आखों के आगे बनती
चली गईं।

मां की मौत के बाद पिताजी कैसे एक ही रात में बूढ़े, बहुत बूढ़े हो गए थे।

हालांकि मां के जाने के बाद सोलह साल तक वो रहे, लेकिन सूखते हुए पौधे की तरह। 😞

मां के रहते हुए जिस पिताजी को मैंने कभी उदास नहीं देखा था, वो मां के जाने के बाद
खामोश से हो गए थे।😔

मुझे पत्नी के विश्वास पर पूरा विश्वास हो रहा था।

लग रहा था कि सचमुच पौधे अकेले में सूख जाते होंगे।

बचपन में मैं एक बार बाज़ार से एक छोटी सी रंगीन मछली 🐠खरीद कर लाया था और
उसे शीशे के जार में पानी भर कर रख दिया था।

मछली सारा दिन गुमसुम रही।
मैंने उसके लिए खाना भी डाला, लेकिन वो चुपचाप इधर-उधर पानी में अनमना सा घूमती रही।

सारा खाना जार की तलहटी में जाकर बैठ
गया, मछली ने कुछ नहीं खाया। दो दिनों तक वो ऐसे ही रही, और एक सुबह मैंने देखा कि वो पानी की सतह पर उल्टी पड़ी थी। 😞😞

आज मुझे घर में पाली वो छोटी सी मछली याद आ रही थी।

बचपन में किसी ने मुझे ये नहीं बताया था, अगर मालूम होता तो कम से
कम दो, तीन या ढ़ेर सारी मछलियां खरीद लाता और मेरी वो प्यारी
मछली यूं तन्हा न मर जाती। 😢

बचपन में मेरी माँ से सुना था कि लोग मकान बनवाते थे और रौशनी के लिए कमरे में दीपक🔥 रखने के लिए दीवार में इसलिए दो मोखे बनवाते थे क्योंकि माँ का
कहना था कि बेचारा अकेला मोखा गुमसुम और उदास हो जाता है।

मुझे लगता है कि संसार में किसी को अकेलापन पसंद नहीं।

_आदमी हो या पौधा, हर किसी को
_किसी न किसी के साथ की ज़रुरत होती है।

आप अपने आसपास झांकिए, अगर कहीं कोई अकेला दिखे तो उसे अपना
साथ दीजिए, उसे मुरझाने से बचाइए।

अगर आप अकेले हों, तो आप भी
किसी का साथ लीजिए, आप खुद को भी मुरझाने से रोकिए।

_अकेलापन संसार में सबसे बड़ी सजा है। गमले के पौधे को तो हाथ से खींच
कर एक दूसरे पौधे के पास किया जा सकता है, लेकिन आदमी को करीब लाने के
लिए जरुरत
होती है रिश्तों को समझने की, सहेजने की और समेटने की।😊

अगर मन के किसी कोने में आपको लगे कि ज़िंदगी का रस सूख रहा है,
जीवन मुरझा रहा है तो उस पर रिश्तों के प्यार का रस डालिए। 💧☺

खुश रहिए और मुस्कुराइए।☺ कोई यूं ही किसी और की गलती से आपसे दूर हो
गया हो तो उसे अपने करीब लाने की कोशिश कीजिए और हो जाइए
हरा-भरा।

Saturday, 23 May 2020

CORONA TIMES #Corona_Times #Meaning_of_Corona #WhatIsCorona #WHAT_IS_COVID19 #Covid19 #Intresting_facts_about_Corona #CoronaInHindi

कोरोनावायरस (Coronavirus) कई प्रकार के विषाणुओं (वायरस) का एक समूह है जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग उत्पन्न करता है। यह आरएनए वायरस होते हैं। इनके कारण मानवों में श्वास तंत्र संक्रमण पैदा हो सकता है जिसकी गहनता हल्की (जैसे सर्दी-जुकाम) से लेकर अति गम्भीर (जैसे, मृत्यु) तक हो सकती है। गाय और सूअर में इनके कारण अतिसार हो सकता है जबकि इनके कारण मुर्गियों के ऊपरी श्वास तंत्र के रोग उत्पन्न

हो सकते हैं। इनकी रोकथाम के लिए कोई टीका (वैक्सीन) या विषाणुरोधी (antiviral) अभी उपलब्ध नहीं है और उपचार के लिए प्राणी की अपने प्रतिरक्षा प्रणाली पर निर्भर करता है। अभी तक रोगलक्षणों (जैसे कि निर्जलीकरण या डीहाइड्रेशन, ज्वर, आदि) का उपचार किया जाता है ताकि संक्रमण से लड़ते हुए शरीर की शक्ति बनी रहे।

चीन के वूहान शहर से उत्पन्न होने वाला 2019 नोवेल कोरोनावायरस इसी समूह के वायरसों का एक उदहारण है, जिसका संक्रमण सन् 2019-20 काल में तेज़ी से उभरकर 2019–20 वुहान कोरोना वायरस प्रकोप के रूप में फैलता जा रहा है। हाल ही में WHO ने इसका नाम COVID-19 रखा।

In 2019
मेडिकल जगत में आजकल चर्चा और चिंता का विषय बना हुआ है कोरोना वायरस। इस वायरस के तेजी से फैलने के केस सामने आ रहे हैं, जिससे चिकित्सा विशेषज्ञों के बीचा चिंता बढ़ रही है। लगातार इस वायरस से जुड़ी नई जानकारियां सामने आ रही हैं। जिनमें इस वायरस के कारण होनेवाली दिक्कतें और लक्षण जैसी जरूरी बातें भी शामिल हैं। आइए, जानते हैं इस वायरस के कारण होनेवाली बीमारी और उसके प्रभाव के बारे में...

कोरोना वायरस का प्रकोप अब पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। चीन की सरहदों को पार कर यह वायरस दुनिया के लगभग सभी देशों में मातम की वजह बना हुआ है। यही वजह है कि भारत सरकार ने लॉकडाउन 4 के दौरान भी इंटरनैशनल फ्लाइट्स बंद कर रखी हैं और पूरे देश में इस बीमारी से बचाव के लिए जरूरी गाइडलाइन्स का पालन किया जा रहा है। ताकि इस वायरस के संक्रमण को रोका जा सके और इसका बायॉलजिकल साइकल ब्रेक किया जा सके।
यह वायरस दिसंबर के पहले सप्ताह और इस साल की शुरुआत में चर्चा का विषय बना। चाइना में इस वायर से अब तक लाखों मौतें हो चुकी हैं। जबकि इस वायरस की चपेट में आनेवाले लोगों की संख्या कई लाख में है और लगातार बढ़ती जा रही है।
  1. कहां से फैलना शुरू हुआ कोरोना वायरस?
    जैसा कि हमने ऊपर भी बताया कि कोरोना वायरस के मामले सबसे पहले चीन में देखने को मिले। दरअसल, चीन के हुवेई प्रांत के वुहान शहर में इसका असर सबसे पहले और सबसे घातक रूप में देखने को मिला। चाइना के अलावा थाईलैंड, सिंगापुर, जापान में भी कोरोना वायरस के मरीज मिल रहे हैं। हाल ही इंग्लैंड में भी एक फैमिली के इस वायरस की चपेट में आने की जानकारी सामने आई है।
  2. कोरोना वायरस क्या है?
    वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, यह वाइरस सी-फूड से जुड़ा है और इसकी शुरुआत चाइना के हुवेई प्रांत के वुहान शहर के एक सी-फूड बाजार से ही हुई मानी जा रही है। खास बात यह है कि ये वायरस ना केवल इंसानों बल्कि पशुओं को भी अपना शिकार बना रहा है।
  3. क्या कोरोना वायरस एक से दूसरे इंसान में फैलता है?
    कोरोना वायरस को लेकर हर रोज नई-नई अपडेट्स आ रही हैं। पहले इस वायरस के बारे में कहा गया था कि यह इंफेक्टेड सी-फूड खाने से ही फैलता है। जबकि हालही डब्ल्यूएचओ ने इस बात की पूरी संभावना जताई है कि यह वायरस बेहद परिवार के लोगों में एक से दूसरे को फैल सकता है।
  4. कोरोना वायरस के लक्षण क्या हैं?
    कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति को सबसे पहले सांस लेने में दिक्कत, गले में दर्द, जुकाम, खांसी और बुखार होता है। फिर यह बुखार निमोनिया का रूप ले सकता है और निमोनिया किडनी से जुड़ी कई तरह की दिक्कतों को बढ़ा सकता है।
  5. कोरोना वायरस का इलाज क्या है?
    अभी तक सीधे तौर पर कोरोना वायरस पर अटैक करनेवाली कोई वैक्सीन मार्केट में नहीं आई है। लेकिन इसके लक्षणों के आधार पर डॉक्टर्स इसके इलाज में दूसरी जरूरी मेडिसिन्स का उपयोग कर रहे हैं। साथ ही साथ इसकी वैक्सीन तैयार करनेपर भी काम चल रहा है।
  6. कोरोना वायरस से बचने के तरके क्या हैं?
    - पहली और अहम बात है कि जब तक कोरोना वायरस का प्रकोप शांत नहीं हो जाता, जितना हो सके सी-फूड से दूर रहें। a) साफ-सफाई कोरोना वायरस से बचने का दूसरा और जरूरी तरीका है। कहीं भी बाहर से आने या कुछ भी खाने से पहले अपने हाथ अच्छी तरह साफ करें। सिर्फ पानी से नहीं बल्कि साबुन या हैंडवॉश से धोएं। b) अपने साथ हैंड सेनिटाइजर हमेशा रखें। जहां पानी से हाथ धोने की व्यवस्था ना हो, वहां इसका इस्तेमाल करें। c) पब्लिक ट्रांसपोर्ट का यूज करने के बाद हाथ साफ किए बिना उन्हें अपने चेहरे और मुंह पर ना लगाएं।d) बीमार लोगों की देखभाल के दौरान अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। अपनी नाक और मुंह को कवर करके रखें। उनके इस्तेमाल किए हुए बर्तन और कपड़ों का उपयोग करने से बचें।
  7. क्या कोरोना वायरस से मृत्यु हो सकती है?
    कोरोना वायरस अगर लंबे समय तक अपना प्रभाव बनाए रखने में सफल हो जाए या घातक स्तर पर पहुंच जाए तो जान के लिए खतरा पैदा कर सकता है। यह इस वायरस का दूसरी बार प्रकोप है और इस दौरान दुनियाभर में 30 से अधिक मौत होने की खबरें आ रही हैं।


Thursday, 11 April 2019

कदमो से कदमो के निशान मत छीनो... #GanvKiZindagi #MeraGanv #MeraGanvMeriShaan #GanvkiSiskiya #MartaHUaGanv

कदमो से कदमो के निशान मत छीनो,
मुझसे मेरी पहचान मत छीनो ,
चकाचौंध शहर की स्वार्थी  कर देगी मुझे ,
मुझसे मेरे गांव का स्वाभिमान मत छीनो,


मैं मरने के बाद भी जीना चाहता हूँ
दुसरो के हिस्से का गम भी पीना चाहता हूँ
मुस्कराहट आ जाये किसी मजबूर  के चेहरे पर मुझे देख कर
उसके फटे अंतर्मन को सीना चाहता हूँ ।


To Be Continued...

Friday, 6 July 2018

हरसिंगार #Harsingar_Ke_Labh #Green_India, #हरसिंगार_के_फायदे_और_नुकसान

हरसिंगार/ Nyctanthes arbor-tristis

हरसिंगार यानी हरि का श्रृंगार!  इसके और भी कई नाम हैं ; शेफालिका , पारिजात , शिवली , मल्लिका , स्वर्णमल्लिका और अंग्रेजी में इसे night jasmine कहते हैं . इसके पुष्प रात को खिलते हैं. पूरी रात सुगंधी बिखेरता हुआ यह वृक्ष भोर होते ही अपने सभी फूल पृथ्वी पर बिखेर देता है . अलौकिक सुगंध में सराबोर इसके पुष्प केवल मन को ही प्रसन्न नहीं करते ; तन को भी शक्ति देते हैं . हरसिंगार जिसे नाइट जैस्मिन भी कहते हैं, एक सुन्दर झाड़ीनुमा छोटा पेड़ है, जिस पर सुन्दर व सुगन्धित फूल लगते हैं। हरसिंगार उन प्रमुख पेड़ों में से एक है, जिसके फूल ईश्वर की आराधना में महत्वपूर्ण स्थान रखते है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि इसके फूल, पत्ते और छाल का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है। यह लगभग पूरे भारत में पाया जाता है। इसके पत्तों में टेनिक एसिड, मैथिल सिलसिलेट और ग्लूकोसाइड होता है ये द्रव्य औषधीय गुणों से भरपूर हैं। इसके पत्तों का सबसे अच्छा उपयोग सायटिका रोग को दूर करने में किया जाता है।
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इस वृक्ष के फूल सर्वथा भगवान के श्रृंगार के लिए उपयुक्त हैं

हरसिंगार के लाभ / गुण / फायदे 

शारीरिक विकास में हरसिंगार का प्रयोग :- इसके फूलों को छाया में सुखाकर पावडर कर लीजिये और फिर मिश्री मिलाकर खाली पेट लीजिए शारीरिक शक्ति का विकास होगा .
जोड़ों के दर्द में हरसिंगार के प्रयोग :- जोड़ों का दर्द होने पर इसके पंचांग का काढ़ा पीजिए . 5 gram पंचांग +400 ग्राम पानी लेकर धीमी आंच पर पकाएं . जब एक तिहाई रह जाए तो खाली पेट पीयें .
खांसी में हरसिंगार के प्रयोग :- इसकी दो पत्तियां +एक फूल +तुलसी के पत्ते !  ये सब लेकर इसको एक गिलास पानी में उबालें और चाय की तरह पी लें . इससे पेट का जमा हुआ मल भी निकल जाएगा .
पेट में कीड़े में हरसिंगार के प्रयोग :-  पत्तों का रस लें .छोटा बच्चा है तो एक चम्मच और बड़ा व्यक्ति है तो दो चम्मच . सुबह खाली पेट थोडा पानी और चीनी मिलाकर लें . साल में कभी-कभी यह रस ले लें तो पेट में कीड़े होंगे ही नहीं .
पुराने बुखार में हरसिंगार के प्रयोग :- पुराना बुखार हो या शरीर की टूटन हो तो , इसकी तीन ग्राम छाल +दो पत्तियां +3-4 तुलसी की पत्तियां पानी में उबालकर सुबह शाम लें .
Sciatica की बीमारी में हरसिंगार के प्रयोग :- Sciatica का तो इलाज ही यह पेड़ है . इसके दो तीन बड़े पत्तों का काढ़ा सवेरे शाम खाली पेट पीयें .
बवासीर में हरसिंगार के प्रयोग :- बवासीर के लिए इसके बीज रामबाण औषधि की तरह काम करते हैं। इसके एक बीज का सेवन प्रतिदिन करने से बवासीर ठीक हो जाता है। या हारसिंगार के बीज 10 ग्राम तथा कालीमिर्च 3 ग्राम को मिलाकर पीस लें और चने के बराबर आकार की गोलियां बनाकर खायें। रोजाना 1-1 गोली गुनगुने जल के साथ सुबह-शाम खाने से बवासीर ठीक होती है। यदि गुदाद्वार में सूजन या मस्से की समस्‍या है तो हरसिंगार के बीजों का लेप बनाकर गुदे पर लगाने से लाभ मिलता है।
सूजन में में में हरसिंगार के प्रयोग :- शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन है तो इसकी पत्तियाँ पानी में उबालकर उससे झराई करें . सूजन पर इसके पत्तों को बांधें .
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चीन और ताईवान जैसे देशों में तो इसके फूल पत्तों की हर्बल चाय पीते हैं . इसके दो पत्ते और चार फूल लेकर पांच कप चाय बना सकते हैं . बिना दूध की यह चाय स्फूर्तिदायक होती है .
विशेष :- यह वृक्ष आसपास लगा हो खुशबू तो प्रदान करता ही है ; साथ ही नकारात्मक उर्जा को भी भगाता है . इस उपयोगी वृक्ष को अवश्य ही घर के आसपास लगाना चाहिए .

/ Nyctanthes arbor-tristis

हरसिंगार यानी हरि का श्रृंगार!  इसके और भी कई नाम हैं ; शेफालिका , पारिजात , शिवली , मल्लिका , स्वर्णमल्लिका और अंग्रेजी में इसे night jasmine कहते हैं . इसके पुष्प रात को खिलते हैं. पूरी रात सुगंधी बिखेरता हुआ यह वृक्ष भोर होते ही अपने सभी फूल पृथ्वी पर बिखेर देता है . अलौकिक सुगंध में सराबोर इसके पुष्प केवल मन को ही प्रसन्न नहीं करते ; तन को भी शक्ति देते हैं . हरसिंगार जिसे नाइट जैस्मिन भी कहते हैं, एक सुन्दर झाड़ीनुमा छोटा पेड़ है, जिस पर सुन्दर व सुगन्धित फूल लगते हैं। हरसिंगार उन प्रमुख पेड़ों में से एक है, जिसके फूल ईश्वर की आराधना में महत्वपूर्ण स्थान रखते है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि इसके फूल, पत्ते और छाल का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है। यह लगभग पूरे भारत में पाया जाता है। इसके पत्तों में टेनिक एसिड, मैथिल सिलसिलेट और ग्लूकोसाइड होता है ये द्रव्य औषधीय गुणों से भरपूर हैं। इसके पत्तों का सबसे अच्छा उपयोग सायटिका रोग को दूर करने में किया जाता है।
इस वृक्ष के फूल सर्वथा भगवान के श्रृंगार के लिए उपयुक्त हैं

हरसिंगार के लाभ / गुण / फायदे 

शारीरिक विकास में हरसिंगार का प्रयोग :- इसके फूलों को छाया में सुखाकर पावडर कर लीजिये और फिर मिश्री मिलाकर खाली पेट लीजिए शारीरिक शक्ति का विकास होगा .
जोड़ों के दर्द में हरसिंगार के प्रयोग :- जोड़ों का दर्द होने पर इसके पंचांग का काढ़ा पीजिए . 5 gram पंचांग +400 ग्राम पानी लेकर धीमी आंच पर पकाएं . जब एक तिहाई रह जाए तो खाली पेट पीयें .
खांसी में हरसिंगार के प्रयोग :- इसकी दो पत्तियां +एक फूल +तुलसी के पत्ते !  ये सब लेकर इसको एक गिलास पानी में उबालें और चाय की तरह पी लें . इससे पेट का जमा हुआ मल भी निकल जाएगा .
पेट में कीड़े में हरसिंगार के प्रयोग :-  पत्तों का रस लें .छोटा बच्चा है तो एक चम्मच और बड़ा व्यक्ति है तो दो चम्मच . सुबह खाली पेट थोडा पानी और चीनी मिलाकर लें . साल में कभी-कभी यह रस ले लें तो पेट में कीड़े होंगे ही नहीं .
पुराने बुखार में हरसिंगार के प्रयोग :- पुराना बुखार हो या शरीर की टूटन हो तो , इसकी तीन ग्राम छाल +दो पत्तियां +3-4 तुलसी की पत्तियां पानी में उबालकर सुबह शाम लें .
Sciatica की बीमारी में हरसिंगार के प्रयोग :- Sciatica का तो इलाज ही यह पेड़ है . इसके दो तीन बड़े पत्तों का काढ़ा सवेरे शाम खाली पेट पीयें .
बवासीर में हरसिंगार के प्रयोग :- बवासीर के लिए इसके बीज रामबाण औषधि की तरह काम करते हैं। इसके एक बीज का सेवन प्रतिदिन करने से बवासीर ठीक हो जाता है। या हारसिंगार के बीज 10 ग्राम तथा कालीमिर्च 3 ग्राम को मिलाकर पीस लें और चने के बराबर आकार की गोलियां बनाकर खायें। रोजाना 1-1 गोली गुनगुने जल के साथ सुबह-शाम खाने से बवासीर ठीक होती है। यदि गुदाद्वार में सूजन या मस्से की समस्‍या है तो हरसिंगार के बीजों का लेप बनाकर गुदे पर लगाने से लाभ मिलता है।
सूजन में में में हरसिंगार के प्रयोग :- शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन है तो इसकी पत्तियाँ पानी में उबालकर उससे झराई करें . सूजन पर इसके पत्तों को बांधें .
चीन और ताईवान जैसे देशों में तो इसके फूल पत्तों की हर्बल चाय पीते हैं . इसके दो पत्ते और चार फूल लेकर पांच कप चाय बना सकते हैं . बिना दूध की यह चाय स्फूर्तिदायक होती है .
विशेष :- यह वृक्ष आसपास लगा हो खुशबू तो प्रदान करता ही है ; साथ ही नकारात्मक उर्जा को भी भगाता है . इस उपयोगी वृक्ष को अवश्य ही घर के आसपास लगाना चाहिए .

Sunday, 5 November 2017

Art Compitetion about Clean India and Beti Bachao Beti Padhao... #BetiBachaoBetiPadhaoInHindi

हरियाणा के पानीपत में 22 जनवरी 2015 को पीएम नरेन्द्र मोदी के द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नाम से एक सरकारी योजना की शुरुआत हुई। भारतीय समाज में लड़कियों की दयनीय दशा को देखते हुए इस कार्यक्रम की शुरुआत की गयी। आँकड़ों के अनुसार, 1991 में (0-6 वर्ष के उम्र के) हर 1000 लड़कों पर 945 लड़कियाँ है, जबकि 2001 में लड़कियों की संख्या 927 पर और दुबारा 2011 में इसमें गिरावट होते हुए ये 1000 लड़कों पर 918 पर आकर सिमट गयी। अगर हम सेंसस के आँकड़ों पर गौर करें तो पाएँगे कि हर दशक में लड़कियों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज हुई है। ये धरती पर जीवन की संभावनाओं के लिये भी खतरे का निशान है। अगर जल्द ही लड़कियों से जुड़े ऐसे मुद्दों को सुलझाया नहीं गया तो आने वाले दिनों में धरती बिना नारियों की हो जायेगी और तथा कोई नया जन्म नहीं होगा।
देश में लड़कियों के बुरे आँकड़ों को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत की। ये बेहद प्रभावकारी योजना है जिसके तहत लड़कियों की संख्या में सुधार, इनकी सुरक्षा, शिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या का उन्मूलन, व्यक्तिगत और पेशेवर विकास आदि का लक्ष्य पूरे देश भर में है।  इसे सभी राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों में लागू करने के लिये एक राष्ट्रीय अभियान के द्वारा देश (केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) के 100 चुनिंदा शहरों में इस योजना को लागू किया गया है। इसमें कुछ सकारात्मक पहलू ये है कि ये योजना लड़कियों के खिलाफ होने वाले अपराध और गलत प्रथाओं को हटाने के लिये एक बड़े कदम के रुप में साबित होगा। हम ये आशा करते हैं कि आने वाले दिनों में सामाजिक-आर्थिक कारणों की वजह से किसी भी लड़की को गर्भ में नहीं मारा जायेगा, अशिक्षित नहीं रहेंगी, असुरक्षित नहीं रहेंगी, बलात्कार नहीं होगा आदि। अत: पूरे देश में लैंगिक भेदभाव को मिटाने के द्वारा बेटी-बचाओ बेटी-पढ़ाओ योजना का लक्ष्य लड़कियों को आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह से स्वतंत्र बनाने का है।