देश में लड़कियों के बुरे आँकड़ों को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत की। ये बेहद प्रभावकारी योजना है जिसके तहत लड़कियों की संख्या में सुधार, इनकी सुरक्षा, शिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या का उन्मूलन, व्यक्तिगत और पेशेवर विकास आदि का लक्ष्य पूरे देश भर में है। इसे सभी राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों में लागू करने के लिये एक राष्ट्रीय अभियान के द्वारा देश (केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) के 100 चुनिंदा शहरों में इस योजना को लागू किया गया है। इसमें कुछ सकारात्मक पहलू ये है कि ये योजना लड़कियों के खिलाफ होने वाले अपराध और गलत प्रथाओं को हटाने के लिये एक बड़े कदम के रुप में साबित होगा। हम ये आशा करते हैं कि आने वाले दिनों में सामाजिक-आर्थिक कारणों की वजह से किसी भी लड़की को गर्भ में नहीं मारा जायेगा, अशिक्षित नहीं रहेंगी, असुरक्षित नहीं रहेंगी, बलात्कार नहीं होगा आदि। अत: पूरे देश में लैंगिक भेदभाव को मिटाने के द्वारा बेटी-बचाओ बेटी-पढ़ाओ योजना का लक्ष्य लड़कियों को आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह से स्वतंत्र बनाने का है।
Sunday, 5 November 2017
Art Compitetion about Clean India and Beti Bachao Beti Padhao... #BetiBachaoBetiPadhaoInHindi
देश में लड़कियों के बुरे आँकड़ों को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत की। ये बेहद प्रभावकारी योजना है जिसके तहत लड़कियों की संख्या में सुधार, इनकी सुरक्षा, शिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या का उन्मूलन, व्यक्तिगत और पेशेवर विकास आदि का लक्ष्य पूरे देश भर में है। इसे सभी राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों में लागू करने के लिये एक राष्ट्रीय अभियान के द्वारा देश (केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) के 100 चुनिंदा शहरों में इस योजना को लागू किया गया है। इसमें कुछ सकारात्मक पहलू ये है कि ये योजना लड़कियों के खिलाफ होने वाले अपराध और गलत प्रथाओं को हटाने के लिये एक बड़े कदम के रुप में साबित होगा। हम ये आशा करते हैं कि आने वाले दिनों में सामाजिक-आर्थिक कारणों की वजह से किसी भी लड़की को गर्भ में नहीं मारा जायेगा, अशिक्षित नहीं रहेंगी, असुरक्षित नहीं रहेंगी, बलात्कार नहीं होगा आदि। अत: पूरे देश में लैंगिक भेदभाव को मिटाने के द्वारा बेटी-बचाओ बेटी-पढ़ाओ योजना का लक्ष्य लड़कियों को आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह से स्वतंत्र बनाने का है।
स्वच्छता ही सेवा Creative future of India #NYKS #GauravBhardwaj #NYVRajpura #SikheraMeerut #Salarpur
स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत सिखेड़ा व् सलारपुर के जूनियर हाई स्कूल में करायी गयी चित्रकला प्रतोयोगिता के विजेता छात्रो को सम्मानित किया गया। सिखेड़ा में बच्चों को सर्टिफिकेट व् मैडल देकर ग्राम प्रधान श्री नवीन चौहान जी व् राष्ट्रिय स्वयं सेवक गौरव भारद्वाज ने सम्मानित किया।
कार्यक्रम में प्रधानचार्य श्रीमती संगीता जी व् श्री अशोक जी ने बच्चों को स्वच्छता के प्रति अपने घरवालो को भी जागरूक करने को कहा।इसी श्रंखला के अन्तर्गत बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए सलारपुर के जूनियर हाई स्कूल में करायी गयी चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता छात्रो को भी सर्टिफिकेट व् मैडल देकर ग्राम प्रधान श्री कुंवर साहब भरद्वाज जी व् NYV अंशुल गुप्ता ने सम्मानित किया । यह देवा ने बेहद सुंदर चित्र बनाकर प्रथम स्थान हासिल किया। प्रधानाचार्य श्रीमती सरवत जहाँ जी व् अन्य अध्यापको ने टीम का पूरा सहयोग किया।
Thursday, 5 October 2017
पौधरोपण का महत्व || आप प्रकृति को बचाओ बाकी सब कुछ स्वयं बच जाएगा || वृक्षारोपण से लाभ #Plantation #SikheraMeerut #RajpuraBlockNYV
जब से दुनिया शुरू हुई है, तभी से इंसान और क़ुदरत के बीच गहरा रिश्ता रहा है। पेड़ों से पेट भरने के लिए फल-सब्ज़ियां और अनाज मिला। तन ढकने के लिए कपड़ा मिला। घर के लिए लकड़ी मिली। इनसे जीवनदायिनी ऑक्सीज़न भी मिलती है, जिसके बिना कोई एक पल भी ज़िन्दा नहीं रह सकता। इनसे औषधियां मिलती हैं। पेड़ इंसान की ज़रूरत हैं, उसके जीवन का आधार हैं। अमूमन सभी मज़हबों में पर्यावरण संरक्षण पर ज़ोर दिया गया है। भारतीय समाज में आदिकाल से ही पर्यावरण संरक्षण को महत्व दिया गया है। भारतीय संस्कृति में पेड़-पौधों को पूजा जाता है। विभिन्न वृक्षों में विभिन्न देवताओं का वास माना जाता है। पीपल, विष्णु और कृष्ण का, वट का वृक्ष ब्रह्मा, विष्णु और कुबेर का माना जाता है, जबकि तुलसी का पौधा लक्ष्मी और विष्णु, सोम चंद्रमा का, बेल शिव का, अशोक इंद्र का, आम लक्ष्मी का, कदंब कृष्ण का, नीम शीतला और मंसा का, पलाश ब्रह्मा और गंधर्व का, गूलर विष्णू रूद्र का और तमाल कृष्ण का माना जाता है। इसके अलावा अनेक पौधे ऐसे हैं, जो पूजा-पाठ में काम आते हैं, जिनमें महुआ और सेमल आदि शामिल हैं। वराह पुराण में वृक्षों का महत्व बताते हुए कहा गया है- जो व्यक्ति एक पीपल, एक नीम, एक बड़, दस फूल वाले पौधे या बेलें, दो अनार दो नारंगी और पांच आम के वृक्ष लगाता है, वह नरक में नहीं जाएगा।
यह हैरत और अफ़सोस की ही बात है कि जिस देश में, समाज में पेड़-पौधों को पूजने की प्रथा रही है, अब उसी देश में, उसी समाज में पेड़ कम हो रहे हैं। बदलते दौर के साथ लोगों का प्रकृति से रिश्ता टूटने लगा। बढ़ती आबादी की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए वृक्षों को काटा जा रहा है। नतीजतन जंगल ख़त्म हो रहे हैं। देश में वन क्षेत्रफल 19.2 फ़ीसद है, जो बहुत ही कम है। इससे पर्यावरण के सामने संकट खड़ा हो गया है। घटते वन क्षेत्र को राष्ट्रीय लक्ष्य 33.3 फ़ीसद के स्तर पर लाने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा वृक्ष लगाने होंगे। साथ ही ख़ुशनुमा बात यह भी है कि अब जनमानस में पर्यावरण के प्रति जागरूकता आ रही है। लोग अब पेड़-पौधों की अहमियत को समझने लगे हैं। महिलाएं भी इस पुनीत कार्य में बढ़ चढ़कर शिरकत कर रही हैं।
इस वैश्विक महामारी कोरोना ने ऑक्सीजन के लिए इंसान को दर- बदर भटकने को मजबूर कर दिया, या यूं कहें कि वृक्षों ने उन्हें अपनी औकात बता दिया।
हरियाली से ही जीवन बनता है। क्योंकि जीवन जीने के लिए हमें शुद्ध आक्सीजन की आवश्यकता होती है ।
जो हमें केवल पेड़ों से ही प्राप्त होती है। लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करें। इससे यह प्रेरणा मिलती है, कि जीवनदायिनी ऑक्सीजन को बचाने और उसका भविष्य में सदुपयोग होगा। इसके लिए सभी को आगे बढ़कर पौधरोपण करना चाहिए। बबूल एक ऐसा प्राकृतिक ट्री गार्ड है जो पौधों को भेड़ बकरियों से सुरक्षा प्रदान करती है।
शौचालय में पानी को व्यर्थ बहाने से रोका जाना आवश्यक #SaveWaterInToilet #WaterInToilet
हम सब कुछ क्रर सकते हैं किन्तु बिन पानी के नहीं जी सकते. कल तक मुफ्त में प्रकृति का दिए ये उपहार आज बोतलों में २०-२० रूपये में बिकने लगा है ; कल को शायद कीमते और भी बढ़ जाए .
जिससे पानी का उपयोग भी बढ़ जायेगा.
सरकार से निवेदन है की लोगो स्वच्छ पीने योग्य जल को वहा न प्रयोग करने के लिए भी जागरूक करे. क्युकी अगले कुछ दिनों में जो सबसे भयावह संकट आ सकता है वो पानी की किल्लत का होगा. इसके लिए कई शोध व् नयी टेक्नोलॉजी को भी बढ़ावा देना आवश्यक है की वो अशुद्ध पानी को फ्लश में प्रयोग करने व् नित्य कर्म के लिए सामान्य पानी यानी पीने के अयोग्य का प्रयोग होना सुनिश्चित करे .
मैं गांव मेरठ के एक छोटे से गांव सिखेड़ा का निवासी हूँ. यूँ तो हमारा गांव हर प्रकार से संपन्न था और फिलहाल है भी किन्तु पिछले कुछ दिनों में जलस्तर बुरी तरह गिरा है, ...
हमारे गांव के पास से एक काली नदी बहा करती थी जो अब ख़त्म हो चुकी है या फिर फैक्ट्रीज के लिए नाले का काम करती है,नदी को कागजो पर पुनर्जीवित करने का काम पिछले कई दशक से किया जा रहा है कित्नु स्थिति बद से बदतर हो गयी है .
एक और तो हम हाथ धोने के बाद टंकी को बंद करने की सलाह देते हैं दूसरी और एक दिन में यूँ टॉयलेट के इस्तेमाल से करोडो लीटर पानी की बर्बादी होती है..
गाँवो में तो एक शौच के बाद एक बाल्टी कम से कम डाली ही जाती है यानि ६ लीटर पानी रोजाना एक समय में एक व्यक्ति इस्तेमाल क्र लेता है.
मेरा अनुरोध इस पानी को बचाने के लिए है ,,,ताकि हम इसे जितना कम व् पर्याप्त हो सके इस्तेमाल करे.
व्यक्तिगत स्तर पर मैं जो कुछ कर सकता हूँ कर रहा हूँ किन्तु इसके लिए भी शायद स्वच्छ भारत,व् शौचमुक्त भारत जैसे अभियान भविष्य में सरकार चलाये .
एक भारतीय
गौरव भारद्वाज
Friday, 4 August 2017
स्वच्छता पखवाड़े के उपलक्ष्य में युवाओ ने किया पौधरोपण
भारत सरकार द्वारा अगस्त माह के प्रथम पखवाड़े को स्वच्छता पखवाड़ा घोषित किया गया है I रजपुरा ब्लॉक में स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत ब्लॉक के विभिन्न गाँवो में सफाई कार्यक्रम एवं पौधरोपण का कार्य किया जा रहा है I नेहरू युवा केन्द्र, युवा कार्यक्रम एवम् खेल मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में रजपुरा ब्लॉक के स्वयंसेवक गौरव भारद्वाज और अंशुल गुप्ता ने सिखेरा गांव में प्राथमिक विद्यालय में तथा सलारपुर में पौधरोपण किया Iविद्यालय के शिक्षकों ने पौधरोपण और स्वच्छता के बारे में बच्चो को जागरूक किया
कार्यक्रम की शुरुवात युवाओ को स्वच्छता की शपथ दिला कर की गयी I युवाओ को पर्यावरण की रक्षा में उनके योगदान की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया गया I कार्यक्रम में आज़ाद युवा मंडल के अरविन्द, रवि, आशीष, पंकज व् मेक ए डिफरेंस यूथ क्लब के अश्वनी,विनीत,सौरव,प्रदीप आदि सहित काफी संख्या में युवाओ ने योगदान दिया।
Wednesday, 12 July 2017
औषिधीय पौधों का महत्व #ImportanceOfTrees #PaudhoKamahatva #KudratKaTohfa #Vrakshlagao #Vraksharopan #MedicalTrees #PedoSeDawa
औषधीय पेड़–पौधे,जड़ी-बूटियां और उनके वानस्पतिक नाम
पेड़ों की महिमा के विभिन्न पहलू.... Workship of Trees in India. #LoveTree #PedoKiMahima
इसके अतिरिक्त पेड़ स्वास्थ्य और धार्मिक आस्था से भी जुड़े हुए हैं इसलिए, हमारे पूर्वजों ने समय-समय पर इनकी पूजा का प्रावधान रखा था. हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी को पुनर्जन्म देने की बात शायद कभी नहीं भूली जा सकती. आज भी विभिन्न जड़ी-बूटियां हमारे स्वास्थ्य की सुरक्षा का प्रमुख साधन बनी हुई हैं. आज सरकार भी एलोपैथी के साथ-साथ होम्योपैथी और प्राकृतिक चिकित्सा पद्यति को प्रोत्साहन देने में पहल कर रही है. आदिकाल से पेड़ों की अकथनीय महिमा को माना जाता रहा है और उनकी महिमा के प्रति धन्यवाद को प्रकट करने तथा उन्हें स्मरण रखने के लिए संभवतः धार्मिक आस्था और प्रकृति को पूजने के साथ जोड़ दिया गया है. आइए वर्षा और वन-महोत्सव के इस पुण्य अवसर पर करोड़ों पेड़ों में से कुछ पेड़ों के धार्मिक पहलू व महत्त्व को जानने का प्रयत्न करें..
आर्य प्रकृति की पूजा करते थे. पेड़-पौधे और प्रकृति की तमाम चीजों को ईश्वर के रूप में देखते थे आर्य. लेकिन, धीरे-धीरे इन रिवाजों का अर्थ बदलने लगा. लेकिन, आज भी कई रीति और रिवाज जिंदा हैं. जानिए ऐसे पेड़ों के बारे में जो आज भी पूजे जाते हैं, जिनका धार्मिक महत्त्व कायम है….
अशोक का पेड़
अशोक का पेड़ धर्म से जुड़ा है. धार्मिक ग्रंथ रामायण जब तक पढा जाएगा, अशोक के पेड़ से जुड़े धार्मिक रिवाज निभाए जाएंगे. सीता माता को रावण ने अशोक वन में रखा था. माना जाता है कि अशोक का पेड़ कष्ट दूर करता है या जो कष्ट नहीं देता.
बरगद का पेड़
हिंदू कल्चर में वट वृक्ष यानी बरगद का पेड़ बहुत महत्त्व रखता है. इस पेड़ को त्रिमूर्ति ब्रह्मा, विष्णु, महेश का प्रतीक माना जाता है. हिंदू धर्म में इस वृक्ष को जीवन और मृत्यु का प्रतीक माना जाता है. कहा जाता है कि इस पेड़ को कभी नहीं काटना चाहिए. मान्यता है कि निःसंतान दंपति इसकी पूजा करें तो उन्हें लाभ होता है.
बेल का पेड़
भगवान शिव से जुड़े होने के कारण बेल के पेड़ का भी काफी धार्मिक महत्त्व है. कहा जाता है कि भगवान शिव को अगर बेलपत्र चढ़ाया जाए तो वे प्रसन्न होते हैं. मंदिरों और घर के आसपास बेल का पेड़ शुभ माना जाता है.
बांस का पेड़
श्रीकृष्ण की कल्पना बिना बांसुरी के नहीं की जाती. बांसुरी बांस से बनती है. इसलिए बांस के पेड़ का भी काफी धार्मिक महत्त्व है. अगर मनुष्य अपने अहंकार का त्याग कर दे और अपने अंतर्मन को खाली छोड़ दे तो कहते हैं श्रीकृष्ण की बांसुरी आपको बांसुरी की ध्वनि से मोह लेगी.
केले का पेड़
केले के पेड़ काफी पवित्र माना जाता है और कई धार्मिक कार्यों में इसका प्रयोग किया जाता है. भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को केले का भोग लगाया जाता है, केले के पत्तों में प्रसाद बांटा जाता है. माना जाता है कि समृद्धि के लिए केले के पेड़ की पूजा अच्छी होती है.
नारियल का पेड़
किसी शुभ कार्य से पहले नारियल फोड़ना अच्छा होता है. कई देवी-देवताओं को नारियल चढ़ाया जाता है. कहते हैं 5 साल तक नारियल के पेड़ को पानी दीजिए और उसके बाद फल देखिए. कहते हैं, नारियल पर तीन काले निशान भगवान शिव की आंखें होती हैं.
आम का पेड़
हमारे देश में आम के पेड़ का खासा धार्मिक महत्त्व है. इसे काफी पवित्र माना जाता है. इसकी लकड़ी और पत्ते कई धार्मिक आयोजनों में इस्तेमाल किए जाते हैं. घर के दरवाजे पर आम के पत्ते लटकाए जाते हैं, हवन में आम की लकड़ी जलाई जाती है. कलश स्थापना में भी इसका इस्तेमाल होता है। वहीं, बसंत पंचमी के दिन आम के पूलों को प्रयोग देवी सरस्वती की आराधना के लिए इस्तेमाल में लाए जाते हैं.
नीम का पेड़
नीम के पेड़ का औषधीय के साथ-साथ धार्मिक महत्त्व भी है. मां दुर्गा का रूप माने जाने वाले इस पेड़ को कहीं-कहीं नीमारी देवी भी कहते हैं. इस पेड़ की पूजा की जाती है. कहते हैं कि नीम की पत्तियों के धंएं से बुरी और प्रेत आत्माओं से रक्षा होती है.
पीपल का पेड़
संस्कृत भाषा में पीपल के पेड़ को अश्वत्था कहा जाता है. प्राचीन काल से इस पेड़ की पूजा होती है. कहते हैं कि बुद्ध ने पीपल के पेड़ के नीचे ही ज्ञान प्राप्त किया था. इसलिए इसे बोधि वृक्ष भी कहा जाता है. कहते हैं श्रीकृष्ण भी इसी के नीचे मरे थे, जिसके बाद कलियुग शुरू हुआ। कहा जाता है कि इस पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों का वास है. महिलाएं पुत्र प्राप्ति के लिए इस पेड़ की पूजा करती हैं. पीपल के पेड़ को काटना अशुभ माना जाता है.
मेरठ: सिर्फ़ 1857 की क्रांति नहीं, भारत की Manufacturing Capital बनने की कहानी. #Meerut #MeerutIndustries #Manufacturing #MakeInIndia #IndustrialIndia #MNC #GermanCompany #JapaneseCompany #IndustrialHub #MeerutBusiness #UPIndustry #UttarPradesh #InvestUP #BusinessIndia #FactoryLife #SportsCity #SportsIndustry #SportsGoods #Engineering #Pharma #Continental #Nipro #IndustrialDevelopment #MSME #Exports #IndianManufacturing #IndustrialGrowth #BusinessBlog #IndustryInsights #MeerutDiaries #MeerutCity #MadeInMeerut #EconomicDevelopment #StartupIndia #IndustrialCluster #BusinessStory #IndiaGrowth
Hello Dosto, आज बहुत लंबे समय बाद ब्लॉग लिखने का मौका मिला है। कई लोग कहते हैं कि आज के दौर में Blog लिखना पुरानी बात हो गई है, अब तो Inst...
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