समभाव
ना पाने की ख़ुशी ना खोने का गम ,
ना अधरों पे हसी ना आँखे हो नम
चाहे छू लो आकाश की हर बुलंदी ,
लेकिन हृदय के भाव हो सदैव सम.
Hello Dosto, आज बहुत लंबे समय बाद ब्लॉग लिखने का मौका मिला है। कई लोग कहते हैं कि आज के दौर में Blog लिखना पुरानी बात हो गई है, अब तो Inst...
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